International Girls Child Day 2025
*अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम — “बाल विवाह मुक्त चित्रकूट बनाने का लिया संकल्प* दिनांक: 11 अक्टूबर 2025 स्थान: महामति प्राणनाथ महाविद्यालय, मऊ, चित्रकूट आज दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को महामति प्राणनाथ महाविद्यालय मऊ चित्रकूट परिसर में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के उपजिलाधिकारी मऊ श्री राम ऋषि रमन, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली, प्रभारी निरीक्षक मऊ श्री दुर्विजय सिंह, चाइल्ड लाइन के कोर्डिनेटर विशेष कुमार त्रिपाठी, महाविद्यालय के प्रबंधक श्री सुन्दर लाल सुमन, प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार चतुर्वेदी, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से श्रीमती प्रिया माथुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ के अधीक्षक डॉ. हारून, एवं अन्य विभागों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी श्री राम ऋषि रमन द्वारा की गई। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस हमें यह याद दिलाता है कि बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरे समाज की है।” उन्होंने यह भी कहा कि मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से राज्य सरकार बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वे इस दिशा में सहयोग करें। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन शक्ति के तहत पुलिस विभाग द्वारा जनपद में निरंतर “महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन” के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में पुलिस प्रशासन, समाज और परिवार की संयुक्त भूमिका बेहद आवश्यक है। “बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकना केवल कानून नहीं, समाज की जिम्मेदारी भी है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बालिकाओं की शिक्षा और करियर को प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार के बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या स्थानीय पुलिस को दें। क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “बालिकाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।” उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के तीसरे चरण में “सशक्त नारी–सुरक्षित नारी” थीम पर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में समानता और सुरक्षा की भावना को सशक्त करना है। इस अवसर पर संस्थान के सचिव श्री शंकर दयाल ने अपने संबोधन में बताया कि “बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज और परिवार दोनों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है। "बाल विवाह मुक्त भारत” कार्यक्रम की मुहिम पूरे देश और विश्व स्तर पर एक सामाजिक आंदोलन के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि यह बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वाभिमान के अधिकारों का उल्लंघन भी है। उन्होंने जानकारी दी कि जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति आगामी 100 दिनों तक जिला प्रशासन चित्रकूट के सहयोग से विशेष अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य जनपद के कुछ गांवों को चयनित करके “बाल विवाह मुक्त गांव” घोषित करवाना है। यह अभियान 26 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत जनजागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक बैठकें, विद्यालय स्तर पर संवाद, और पंचायत स्तर पर प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बालिकाओं को बाल अधिकार, शिक्षा का महत्व, आत्मनिर्भरता एवं बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।